नसीमुद्दीन सिद्दीकी एवं मायावती के बीच झूलता मुस्लिम वोटर

Posted on 12 May 2017 by Admin     
नसीमुद्दीन सिद्दीकी एवं मायावती के बीच झूलता मुस्लिम वोटर

नसीमुद्दीन सिद्दीकी बसपा के पूर्व वरिष्ठ नेता एवं संस्थापक सदस्य आज जो मायावती के ख़िलाफ़ आरोप लगा रहे हैं सही है या गलत सब जानते है| टिकट बाटने से पूर्व बसपा में सिर्फ पैसा देखा जाता है इसका उदाहरण 2017 चुनाव में साफ दिखा था | अनेक प्रत्याशी जो पैसा देने में असफल रहे या उनसे ज्यादा पैसा देने वाला कोई प्रत्याशी बसपा को मिला फ़ौरन टिकट काट दी गई । कार्यकर्ता की अनदेखी करि गई ।


सुश्री मायावती से कोई छोटा कार्यकर्ता नहीं मिल सकता इसके उल्ट थोड़ी कोशिश से हर छोटे से छोटा कार्यकर्ता चाहे किसी पार्टी का हो अपने अध्यक्ष से मिल सकता है । बसपा का बेस वोटर आज उससे दूर हो गया है इसका प्रमुख कारण बसपा का उड़नखटोले पर सवार रहना है । जो सीट 2017 में मायावती को मिली वो भी मुस्लिम वोटर की देन है, दलित बहुल विधानसभा में बसपा की हालत आप लोग विधानसभा के अनुसार देख सकते है. इसके उल्ट आज़मगढ़ जैसे मुस्लिम बहुल इलाके से मायावती को बहुत वोट मिला और सीट भी । इसका कारण राष्ट्रिय उलेमा कॉउंसिल के सदर मौलाना आमिर रश्दी साहब थे ।
उन्ही के समर्थन से मायावती चुनाव जीत पाई थी और मुख़्तार अंसारी न होते तो पूर्वांचल की स्तिथि क्या होती ?


बावजूद अपनी नाकामी देखने के मायावती वोटिंग मशीन को दोष देती रही । और आज नसीमुद्दीन सिद्दीकी को । नसीमुद्दीन को आज मायावती में कमियां दिख रही है जब मायावती के साथ बीजेपी के सहयोग से सर्कार चलाई और मलाईदार मंत्रालय संभाले जब कहाँ गई थी आपकी शर्म । जैसा जी सिद्दीकी साहब बोल रहे हैं मायावती मुसलमानो के प्रति अच्छी सोच नहीं रखती फिर क्यों आप मुसलमानो से वोट मांग रहे थे सोच के लिए तो अनेक बाते है|

By Anwar Khan



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