प्रतापगढ़ के इरफान और सलमान की शहादत पर सब चुप क्यों है?

Posted on 10 Jan 2017 by Admin     
प्रतापगढ़ के इरफान और सलमान की शहादत पर सब चुप क्यों है?

इरशाद और सलमान की शहादत पर सब चुप क्यों हैं? मीडिया उनके रोते बिलखते परिजनों की तस्वीरें क्यों नहीं दिखा रहा? मुख्यमंत्री अखिलेश यादव चुप है ना तो शहीदों के परिवार वालों के लिए शोक व्यक्त किया और ना हीं किसी तरह की आर्थिक मदद का ऐलान अब तक सुनाई दिया। प्रधानमंत्री जी के शब्द ट्विटर पर इतने महंगे हो चले है कि वो देश के इन दो शहीदों के लिए शोक प्रकट करने के लिए उन्हें खर्च नहीं कर सकते। देश की मीडिया बेशर्म चुप्पी साधे हुए है वो इन दो जिगरी दोस्तों की एक साथ शहादत की खबर से एकदम अंजान बनी हुई है। ना चाहते हुए मन में बार बार सवाल उठ रहा है कि क्या उनका नाम इरशाद और सलमान होने की वजह से उनकी शहादत पर गुमनामी की चादर लिपटी हुई है। क्या देश के लिए जान की बाज़ी लगा देने वाले इन दो शहीदों की शहादत मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और देश के दूसरे बड़े नेताओं की संवेदना की हक़दार नहीं थी?

BSF का वो जवान जिसकी वीडियों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है और जिस पर देश की मीडिया ने चैनलों पर अच्छा कवरेज दिखाया है। जो कि होना भी चाहिए था क्योंकि हमारे सैनिक हमारे लिए सर्वप्रिय एंव सर्वोपरि है। जब वो देश की रक्षा करने में अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ते तब उनकी सुविधाओं और खान पान मे इस तरह की कोताही बिल्कुल भी बर्दाश्त के काबिल नहीं है। पर क्या यदि BSF के उस सिपाही का नाम तेज बहादुर ना होकर सलमान या इरफान होता तो तब भी मीडिया के लोगों की इस वीडियों के लिए यही तत्परता और त्वरित प्रतिक्रिया होती? शायद नहीं बल्कि अब तक तो देश के राष्ट्रवाद के तथाकथित ठेकेदारों ने कब का इस वीडियो की मंशा पर हज़ारों गंभीर सवाल खड़े कर दिए होते और एक पूरी कम्युनिटी को सवालों से घेर लिया होता। ये बात सुनने में कड़वी ज़रूर लगेगी मगर ये एक ऐसा अटल सत्य है जिसे झुठलाया नहीं जा सकता।

आखिरकार इस दोहरे नज़रिए से हम कब मुक्ति पायेंगे धर्म और जाति के आधार पर हम कब तक एक दूसरे की अच्छे कामों, अच्छी बातों और देश के लिये किये गये बहुमूल्य योगदानों को नकारते रहेंगे। सलमान और संतोष नाम के दो अलग अलग व्यक्तियों द्वारा किये गये किसी एक ही काम को एक ही नज़र से कब देखना शूरू करेंगे। हमारी नज़रों से दोगलेपन का ये पर्दा कब हटेगा। BSF जवान तेज बहादुर की वीडियो की ही तरह प्रतापगढ़ के शहीद फौजी इरशाद और सलमान की शहादत भी सम्मानपूर्वक चर्चा की बराबर की हक़दार थी उनके परिवार का दर्द और आँसू न्यूज चैनलों पर बिखरने का पूरा हक रखता था। उनका शोक संतृप्त परिवार देश प्रधानमंत्री सहित तमाम लोगो की संवेदना का हकदार था। पर ऐसा हो नहीं सका क्योंकि शायद उनका नाम इरशाद और सलमान था।

इस्लाहुद्दीन अंसारी



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