राष्ट्रवाद के तथाकथित ठेकेदार आकर देखे कि तिरंगे का सही हक़ किसने अदा किया

Posted on 11 Jan 2017 by Admin     
राष्ट्रवाद के तथाकथित ठेकेदार आकर देखे कि तिरंगे का सही हक़ किसने अदा किया

कहाँ हो हमारे माथों पर आतंकवाद का कलंक लगाने की भरसक कोशिशे करने वालों, हमारे मदरसों पर बदनामी का दहशतगर्दी का दाग़ लगाने वालों आओ आकर देखो ये मंज़र, हमारे सीनों पर लिपटे देश की आन बान और शान तिरंगे को देखो, देश की मिट्टी पर मर मिटने वाले इन नौजवानों की देश को गौरवान्वित करती हुई लाशों को देखो, आओ देखो उस माँ को जिसने अपने कलेजे के इन टुकड़ों को देश को समर्पित कर दिया, आओ आकर देखो उस पिता को जिसने बचपन में अपने इन बेटों को शहीद अशफाकुल्लाह खान और शहीद अब्दुल हमीद के शहादत के किससे सुनाये थे।

आओ आकर देखो उन बहादुर बहनों को जिन्होंने अपने इन भाईयों को अपनी भीगी पलकों के आंसुओं को छिपाकर मुस्कुराते हुए सरहद के लिए विदा किया था। आओ देखो आकर के प्रतापगढ़ की मिट्टी के इन बेटों को जिन्हें देशभक्ति का जज़्बा उन्हीं मदरसों से मिला था जिन्हें तुम आतंकवाद की नर्सरी कहते नहीं थकते, आओ आकर महसूस करो उस मिट्टी की खुश्बू को जो वज़ू के पानी से सिंची हुई हुई थी और उसी मिट्टी में बड़े होकर सलमान और इरफान के भीतर देश सेवा की अलख जागी थी, आओ आकर देखो प्रतापगढ़ की मस्जिद की उन सफों को जहाँ इरफान और सलमान नमाज़ों में खुद को देश के लिए कुर्बान होने की दुआयें माँगा करते थे, आओ आकर देखो उन दोस्तों को जिन्हें फ़ख्र हुआ करता था कि उनके साथी ने अपनी जवानी देश को समर्पित कर दी है, आओ आकर देखो ना देखते क्यों नही ये सब.

दिखाते क्यों नहीं ये मंज़र अपने उन आकाओं को जो रात दिन हमपर देशद्रोही का इल्ज़ाम लगाने की साज़िशे रचते फिरते हैं, जिन्हें रात दिन हमे शक़ की निगाहों से देखने का भूत सवार रहता है, जो हमें अक्सर पाकिस्तान भेजने का फ़रमान सुनाते फिरते हैं, ये मंज़र दिखाओ उन राष्ट्रवाद के तथाकथित ठेकेदारों को जिन्हें अख़लाक अहमद के क़ातिल की लाश पर लिपटे तिरंगे का अपमान होता नहीं दिखायी देता। दिखाओ लाकर उनको देश की मिट्टी को सुशोभित करती इन कब्रों को कि वो आकर देखे कि तिरंगे का असली हक़ किसने अदा किया?

Islahuddin Ansari
Social Media Activist



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